अखिल भारतीय गौरी जनसेवा ट्रस्ट का मूल उद्देश्य है—समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक सेवा, सुरक्षा और सम्मान की भावना पहुँचाना। हमारा विश्वास है कि एक संवेदनशील और सहयोगी समाज ही सशक्त एवं उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकता है। इसी विचार को आधार बनाकर हम विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और मानवतावादी क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ समर्पित करते हैं।
हमारा मिशन निम्न मुख्य स्तंभों पर आधारित है:
1. गरीब एवं वंचितों की सहायता
जो लोग सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं, उन्हें भोजन, कपड़े, शिक्षा एवं बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारा प्रमुख कर्तव्य है।
हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति भूखा, असहाय या उपेक्षित महसूस न करे।
2. धार्मिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक गतिविधियों का संरक्षण
भारतीय संस्कृति हमारी पहचान है।
हम पूजा-अर्चना, गंगा आरती, धार्मिक कार्यक्रम, सत्संग, भंडारे और सामाजिक समरसता को बढ़ाने वाली हर गतिविधि का समर्थन और आयोजन करते हैं, ताकि हमारी नई पीढ़ी संस्कृति से जुड़ी रहे।
3. गौ सेवा व पशु संरक्षण
गौ माता और अन्य पशु हमारी करुणा के आधार हैं।
हमारा मिशन है—
- घायल, बीमार या बेघर गायों की सेवा
- चिकित्सा, भोजन व आश्रय की व्यवस्था
- गौशालाओं का समर्थन - ताकि पशुओं को भी सम्मानपूर्ण जीवन मिल सके।
4. ज़रूरतमंदों के लिए भोजन सेवा
हम समाज के उन लोगों तक भोजन पहुँचाते हैं जो संसाधनों के अभाव में भोजन तक नहीं जुटा पाते—
जैसे तीर्थस्थलों पर आए श्रद्धालु, गरीब परिवार, वृद्धजन, और मुश्किल में पड़े लोग।
हमारा उद्देश्य है “कोई भूखा न सोए”।
5. रक्तदान एवं स्वास्थ्य जागरूकता
समय पर रक्त मिलना कई जिंदगियों को बचा सकता है।
हम रक्तदान शिविरों, स्वास्थ्य जांच शिविरों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज को स्वस्थ और सुरक्षित रखने का प्रयास करते हैं।
6. समाज में सेवा और मानवता की भावना बढ़ाना
हम मानते हैं कि सामाजिक परिवर्तन एक व्यक्ति से ही शुरू होता है।
अपने कार्यों के माध्यम से हम हर व्यक्ति को प्रेरित करते हैं कि वह समाज के लिए सकारात्मक योगदान दे और मानवता की सेवा को जीवन का हिस्सा बनाए।
🌟 हमारा संकल्प
“सेवा, संवेदनशीलता और संस्कारों से परिपूर्ण समाज का निर्माण”
अखिल भारतीय गौरी जनसेवा ट्रस्ट सेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रहा है, और हमारा संकल्प है कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति सुरक्षित, समर्थ और सम्मानित न हो जाए, हमारी सेवा जारी रहेगी।